छिंदवाड़ा। महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के चलते अब मध्य प्रदेश की सीमा से लगे पांढुर्णा, सौंसर, मोहखेड के साथ-साथ जिला मुख्यालय में भी कोविड संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जो प्रशासन के साथ साथ आम लोगों के लिए भी चिंताजनक हो गया है। मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकि त्सा अधिकारी की माने तो पांढुर्णा में कुल 23 एक्टिव केस है तो वहीं सौंसर में 43, मोहखेड़ में 14 एक्टिव केस हो गए है। जबकि छिंदवाडा में अब तक कोरोना संक्रमण से 91 लोग संक्रमित हो चुके है। इस सबके बीच जिला प्रशासन भी सक्रिय नजर आ रहा है, मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी जी.सी. चौरसिया ने बताया कि वह रोजाना 700 लोगों की कोरोना टेस्टिंग कर रहे है।
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वही गौर करने वाली बात यह है कि पांढुर्णा में कोविड संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है, बावजूद इसके दो दिनों में यहां पर वैक्सीन नहीं होने से वैक्सीनेशन का कार्य बंद पड़ा हु़आ है, जिसमें प्रशासनिक लापरवाही सामने आने लगी है। जिला प्रशासन ने कोरोना के संक्रमण से निपटने के लिए 35 टीकाकरण केंद्र बनाकर टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाई तो थी, लेकिन जिले में वैक्सीन का टोंटा होने की वजह से पांढुर्णा के टीकाकरण केंद्र में टीकाकरण नहीं हो पाया। जबकि वैक्सीन उपलब्ध न होने के चलते नहीं टीकाकरण के लिए आए बुजुर्ग और बीमार लोगो भटकते नज़र आए। वही जिले में भले ही प्रशासन के निर्देश पर संक्रमण रोकने प्रतिदिन 700 कोविड टेस्ट हो रहे हो, लेकिन संक्रमण के प्रसार के लिए जिले में अब तक 745 अप्राप्त सैंपल और 12,450 पैथालॉजी से रिजेक्ट सैंपल जिले के लिए मुसीबत बढ़ाने वाले साबित हो सकते है।
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