कांग्रेस को इस मुद्दे पर रुख स्पष्ट करना चाहिए।” निरुपम का बयान ऐसे वक्त में आया है जब आईपीएस अधिकारी के “लेटर बम” से शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस की महा विकास अघाड़ी सरकार पर पहले ही दबाव है। निरुपम पहले शिवसेना में थे और वह 2005 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे आठ पन्नों के पत्र में सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख पुलिस अधिकारियों को अपने आधिकारिक आवास पर बुलाते थे और उन्हें बार, रेस्तरां और उन्य जगहों से वसूली के लिए कहते थे।If at all, whatever Parambir Singh is saying is truth, question should be asked from Hon Sharad Pawar ji because he is the arcitect of current Maharashtra Govt. Is it what the so called third front is going to do finally ?
— Sanjay Nirupam (@sanjaynirupam) March 20, 2021
Congress must take a stand on this issue.#AnilDeshmukh
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देर रात मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया था कि उक्त पत्र सिंह की आधिकारिक ईमेल आईडी से नहीं भेजा गया था। इसके बाद सिंह ने अपनी ओर से इस बात की पुष्टि की, कि पत्र उन्होंने ही ईमेल किया है और उनके हस्ताक्षर वाली उसकी एक प्रति शीघ्र ही सरकार के पास पहुंचेगी।
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