कोविड-19: देश में 45 साल और इससे अधिक आयु के सभी लोगों का टीकाकरण शुरू https://ift.tt/eA8V8J

नयी दिल्ली। देश में बृहस्पतिवार से 45 साल और इससे अधिक आयु के सभी लोगों के लिए कोविड-19 रोधी टीकाकरण शुरू हो गया। इस बीच, पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 72,330 नए मामले सामने आए जो इस साल एक दिन में आए सर्वाधिक मामले हैं। इसके साथ ही देश में अब तक महामारी की चपेट में आए कुल लोगों की संख्या बढ़कर 1,22,21,665 हो गई। टीकाकरण अभियान का दायरा और गति बढ़ाने के लिए केंद्र ने पूरे अप्रैल भर सरकारी छुट्टियों के दौरान भी सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के कोविड-19 टीकाकरण केंद्रों को संचालित करने का निर्णय किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को बृहस्पतिवार को पत्र लिखकर उनसे इसके लिए आवश्यक प्रबंध करने के लिए कहा है।

इसे भी पढ़ें: देसी ऐप चिंगारी में सलमान खान ने किया निवेश, शॉर्ट वीडियो ऐप के होंगे ब्रांड एंबेसडर

मंत्रालय ने कहा, ‘‘कोविड-19 के टीकाकरण की गति और कवरेज को बढ़ाने के लिए 31 माार्च को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद यह कदम उठाया गया है।’’ इसने कहा, ‘‘यह निर्णय कोविड-19 टीकाकरण के लिए राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के साथ भारत सरकार के अग्रसक्रिय एवं क्रमिक रुख के अनुरूप है।’’ मंत्रालय ने कहा कि टीकाकरण की प्रक्रिया की नियमित समीक्षा और निगरानी उच्चतम स्तर पर जारी है। मंत्रालय ने बताया कि देश भर में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के कुल 17,47,094 टीके लगाए गए और इसके साथ ही अब तक लगाए गए टीकों की कुल संख्या 6.75 करोड़ को पार कर गई। इनमें स्वास्थ्यकर्मी, अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मी, 60 साल से अधिक आयु के लोग और अन्य बीमारियों से पीड़ित 45 साल से अधिक आयु के लोग शामिल हैं। देश में 16 जनवरी को स्वास्थ्यकर्मियों (एचसीडब्ल्यू) और दो फरवरी से अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मियों (एफएलडब्ल्यू) को टीका लगाने का काम शुरू हुआ था।

इसे भी पढ़ें: सभी राष्ट्रीय दलों को ईवीएम के उपयोग का पुनर्मूल्यांकन करने की जरूरत: प्रियंका गांधी

इसके बाद टीकाकरण के दूसरे चरण में एक मार्च से 60 साल से अधिक आयु के लोगों और अन्य बीमारियों से पीड़ित 45 साल से अधिक आयु के लोगों को टीके लगने शुरू हुए थे। रात्रि आठ बजे तक संकलित अस्थायी रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में अब तक कुल 6,75,36,392 टीके लगाए गए हैं। इनमें 88,48,558 स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं, जिन्होंने पहली खुराक ली है, जबकि 52,63,108 स्वास्थ्यकर्मियों ने दूसरी खुराक ली है। इनके अलावा अग्रिम मोर्चे के 93,99,776 कर्मियों को पहली खुराक दी गई है और 39,18,646 कर्मियों को दूसरी खुराक दी गई है। इनमें 45 वर्ष से अधिक आयु के 4,01,06,304 लाभार्थी भी शामिल हैं।

टीकाकरण अभियान के 76वें दिन बृहस्पतिवार को (रात आठ बजे तक) कुल 17,47,094 टीके लगाए गए। मंत्रालय ने कहा, 16,20,746 लाभार्थियों को टीके की पहली खुराक मिली और 1,26,348 लोगों को दूसरी खुराक मिली। आंकड़ों के अनुसार, बृहस्पतिवार को 45 या उससे अधिक आयु वर्ग के 15,28,639 लाभार्थियों को पहली खुराक दी गई। मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, पंजाब, केरल, तमिलनाडु, गुजरात और मध्य प्रदेश में लगातार कोविड-19 के नए मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले 24 घंटे में आए नए मामलों में से 84.61 प्रतिशत मामले इन्हीं राज्यों से थे। इसने कहा कि भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 72,330 नए मामले सामने आए जो इस वर्ष सामने आए संक्रमण के सर्वाधिक मामले हैं।

आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र में सबसे अधिक 39,544 नए मामले सामने आए। इसके बाद छत्तीसगढ़ में 4,563 और कर्नाटक में 4,225 नए मामले सामने आए। देश में अभी 5,84,055 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 4.78 प्रतिशत है। पिछले 24 घंटे में 31,489 उपचाराधीन मामले बढ़े हैं। इनमें से 78.9 प्रतिशत उपचाराधीन मामले महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़ और पंजाब में हैं। अकेले महाराष्ट्र में ही 61 प्रतिशत उपचाराधीन मामले हैं। केन्द्र ने राज्य और केन्द्र शासित प्रदेशों को आरटी-पीसीआर जांच 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने को कहा है। भारत में अभी तक कुल 1,14,74,683 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 40,382 लोग ठीक हुए। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में 459 और मरीजों की वायरस से मौत हुई। इस साल एक दिन में संक्रमण से मौत सामने आए ये सर्वाधिक मामले हैं। मंत्रालय ने बताया कि इनमें से 83.01 प्रतिशत मौत के मामले छह राज्यों से थे। पिछले 24 घंटे में महारष्ट्र में सबसे अधिक 227 और पंजाब में 55 लोगों की मौत हुई। इस बीच, विशेषज्ञों ने तेजी से बढ़ रही संक्रमण की दूसरी लहर को रोकने के लिए निजी सेवा प्रदाताओं के साथ तालमेल से क्षमता बढ़ाकर अभियान में तेजी लाने की सिफारिश की है।

केंद्र ने मंगलवार को कहा था कि भारत कुछ जिलों में गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है जिसके कारण समूचे देश को खतरा है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी के पॉल ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा था, ‘‘वायरस को रोकने और जान बचाने के लिए तमाम प्रयास किए जाने चाहिए।’’ डॉ. पॉल कोविड-19 रोधी टीकाकरण संबंधी राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह के प्रमुख और केंद्र की कोविड-19 रेस्पांस टीम के सदस्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘निजी क्षेत्र को आगे आना चाहिए और टीकाकरण अभियान में हिस्सा लेना चाहिए। हमें बताया गया है कि देश में 20,000 निजी टीकाकरण केंद्र हैं। लेकिन देश में निजी क्षेत्र द्वारा 6,000 से कम टीकाकरण केंद्र ही चलाए जा रहे हैं। हम निजी क्षेत्र से शेष टीकाकरण केंद्रों को चालू करने और उनकी संख्या बढ़ाने का आग्रह करते हैं।



from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/3sIP5wY

Post a Comment

0 Comments