मना करने की गुहार लगाने के बावजूद न्यायपालिका ने भी चुनाव की अनुमति दे दी। यह उनका अपना फैसला है। इलेक्शन कमीशन को अपनी ड्यूटी अदा करनी थी, वो भी इलेक्शन करवाने लग गए और हम लोगों ने भी गलतियां कीं। जिस प्रकार से बिहार के चुनाव शुरू हुए थे, लाखों की रैलियां हो रही थीं, अब पांच राज्यों में चुनाव हो रहे हैं तो देख लिया आपने कि क्या-क्या हो रहा है। राजस्थान में उपचुनाव के लिए भी रैलियां हो रही थीं, कुछ हद तक तो हम भी जिम्मेदार हैं। ’ मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की जो दूसरी लहर आई है, उसने पिछले एक महीने से पूरी तरह तबाही मचा दी है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को 250 केस आ रहे थे, अब साढ़े छह-सात हजार मामले प्रतिदिन आ रहे हैं। मृत्युदर शून्य हो गई थी, आज 31 लोगों की जान चली गयी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का ये स्वरूप बहुत ही खतरनाक है। इसके साथ ही गहलोत ने लोगों से मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन करने की अपील करते हुए लोगों से कहा है कि नंबर आने पर टीकाकरण अवश्य करवाएं।प्रदेश में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रदेशवासियों को मेरा सन्देश।https://t.co/sqoEcXBOeh
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) April 16, 2021
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