नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने शनिवार को सख्त पाबंदियों की घोषणा की। मेट्रो, डीटीसी एवं क्लस्टर बसें 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा शादी समारोह में 50 मेहमान ही शामिल हो सकेंगे। दिल्ली सरकार ने कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर सभी तरह की सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं धार्मिक सभाओं पर रोक लगा दी है।
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दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, दिल्ली में सभी कॉलेज, प्रशिक्षण एवं कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे। हालांकि, शैक्षणिक मार्गदर्शन के वास्ते शिक्षकों द्वारा 11वीं-12वीं के छात्रों को स्कूल बुलाने की अनुमति प्रदान की गई है। इनको छोड़कर दिल्ली के बाकी सभी सरकारी एवं निजी स्कूल भी 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। इस बीच, शिक्षा निदेशालय ने कहा कि उसकी ओर से शुक्रवार को जारी वह आदेश लागू रहेगा, जिसमें सभी अकादमिक एवं परीक्षा संबंधी गतिविधियों को स्थगित किया गया है।
डीडीएमए ने कहा कि महाराष्ट्र से विमान के जरिए दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए 72 घंटे के भीतर की आरटी-पीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट पेश करना जरूरी होगा और नेगेटिव रिपोर्ट नहीं होने पर 14 दिवसीय पृथक-वास में रहना होगा। आदेश में निर्दिष्ट गतिविधियों पर रोक तत्काल प्रभावी हो गई है जोकि 30 अप्रैल तक अथवा अगले आदेश तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रेस्तरां, बार को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति रहेगी। इसी तरह, राष्ट्रीय राजधानी में अंतिम संस्कार में 20 लोगों से अधिक के शामिल होने की इजाजत नहीं होगी जबकि विवाह कार्यक्रम में अधिकतम 50 व्यक्ति तक शामिल हो सकते हैं।
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डीडीएमए के मुताबिक, राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के उद्देश्य को छोड़कर दिल्ली में तरण ताल बंद रहेंगे। आदेश के मुताबिक, स्टेडियम खेल प्रतियोगिताएं आयोजित कर सकते हैं लेकिन दर्शकों को अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी तरह, सिनेमा, थियेटर, मल्टीप्लेक्स को उनकी 50 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित करने की अनुमति रहेगी।
इसके मुताबिक, दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में 50 फीसदी कर्मचारी ही उपस्थित रह सकते हैं। बाकी के कर्मचारी घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। आदेश में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और सभी संबंधित चिकित्सा प्रतिष्ठान, पुलिस, कारागार, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, जिला प्रशासन, बिजली, पानी, आपदा प्रबंधन और नगर निगम की सेवाओं से जुड़े लोगों को पाबंदियों से छूट प्रदान की गई है।
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