मद्रास उच्च न्यायालय ने सोमवार को निर्वाचन आयोग की तीखी आलोचना करते हुए उसे देश में कोविड-19 की दूसरी लहर के लिए अकेले जिम्मेदार करार दिया और कहा कि वह सबसे गैर जिम्मेदार संस्था है। अदालत ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के खिलाफ हत्या के आरोपों में भी मामला दर्ज किया जा सकता है। इस याचिका में अधिकारियों को यह निर्देश दिए जाने का आग्रह किया गया है कि दो मई को करूर में कोविड-19 रोधी नियमों का पालन करते हुए निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित की जाए। बहरहाल, चुनावों में भाजपा की जीत का विश्वास जताते हुए नड्डा ने कहा कि इस बार के चुनाव ‘‘अप्रत्याशित’’ और ‘‘अभूतपूर्व’’ रहे।Addressing a Press Conference. https://t.co/3i8D01xoW0
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) April 26, 2021
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उन्होंने कहा, ‘‘ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने मर्यादाओं को ताक पर रखा। बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री को अपरिपक्व और गैरजिम्मेदाराना बयान देने के लिए 24 घंटे प्रचार से रोकना पड़ा (निर्वाचन आयोग द्वारा)। भाजपा ने अपनी तरफ से प्रचार के उच्च मानदंडों का पालन किया।’’ यह पूछे जाने पर कि भाजपा यदि सत्ता में आती है तो कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उसके पास क्या योजना होगी, उन्होंने कहा, ‘‘’’समस्याओं का हम आगे बढ़कर समाधान करते आए हैं और भविष्य में भी करेंगे।
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