नयी दिल्ली। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अनाथ हुए 32 बच्चों की पहचान की है। आयोग के प्रमुख अनुराग कुंडु ने बताया कि 10 ऐसे बच्चों की भी पहचान की गई है जिन्होंने इस बीमारी के चलते अपने माता-पिता में से किसी एक को खोया है। उन्होंने बताया कि इस तरह के संकट का शिकार हुए बच्चों का पता लगाने के लिए इस महीने की शुरुआत में एक सर्वेक्षण शुरू किया गया था। आयोग की सदस्य रंजना प्रसाद ने कहा, “16 बच्चों की पहचान की गई है जिन्होंने दूसरी लहर के दौरान अपने माता-पिता को खोया है। हम उनके बारे में पूछताछ कर रहे हैं कि क्या उन्हें चिकित्सा, राशन, काउंसलिंग, टीकाकरण आदि की जरूरत है।”
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उन्होंने कहा, “वे जो भी मदद मांग रहे हैं हम उन्हें उपलब्ध करा रहे हैं।’’ प्रसाद ने कहा कि कम उम्र के बच्चों के विवरण उनके निकटतम आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ साझा किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 14 मई को कहा था कि दिल्ली सरकार वैश्विक महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों की शिक्षा एवं परवरिश का खर्च उठाएगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सरकार ऐसे बच्चों को हर महीने ढाई हजार रुपये देने की भी योजना बना रही है और जल्द ही इस संबंध में एक प्रस्ताव मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। कुमार ने कहा कि सर्वेक्षण के परिणामों को सरकार के साथ साझा किया जाएगा।
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