मुंबई। देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्रकोप से निपटने के लिए सिटी बैंक ने बुधवार को 200 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। सिटी बैंक के अलावा अमेरिका की फार्गो कंपनी ने तीस लाख डॉलर, स्विस बैंक ने 15 लाख डॉलर और अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट ने दस लाख डॉलर मदद के तौर पर देने की घोषणा की। देश में कोरोना संक्रमण के प्रतिदिन सामने आ रहे चार लाख मामलों और 3500 मौतों के बीच वैश्विक कंपनियों और विशेषकर प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों समेत कई देशों ने भारत को मदद की घोषणा की है।
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सिटी बैंक के एशिया क्षेत्र के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर बबेज ने कहा, ‘‘हम भारत में 100 वर्षों से भी अधिक समय से है और यह देश हमारे बीस हजार से अधिक कर्मचारियों का घर हैं। हम स्वास्थ्य संकट की इस घड़ी में भारत की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’’ बैंक ने एक बयान में कहा कि वह चिकित्सा और मानवीय जरूरतों में 75 करोड़ रुपये की तत्काल राहत देगा जबकि पिछले वित्त वर्ष में वह 75 करोड़ की मदद कर चुका हैं। इस राशि का इस्तेमाल ऑक्सीजन की आपूर्ति, अस्पतालों में बेड जोड़ना, डायग्नोस्टिक टेस्टिंग सिस्टम, व्यक्तिगत सुरक्षा किट और भारत के फ्रंटलाइन हेल्थकेयर श्रमिकों के लिए अन्य आपूर्त के लिए किया जाएगा।
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उसने कहा कि शेष राशि का उपयोग सार्वजनिक और निजी स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे के लिए और युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान करने के लिए किया जाएगा। वेल्स फार्गो ने भी कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए राहत प्रयासों सहायता करते हुए 22 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। इस राशि का इस्तेमाल गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से अस्पताल की क्षमता बढ़ाने, ऑक्सीजन सांद्रता और महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति करने में किया जाएगा। वही अपोलो ग्लोबल मनेजमेंट ने भी मदद का हाथ बढ़ाते हुए सात करोड़ रुपये यानी दस लाख डॉलर की सहायता की घोषणा की है। जिसमे वह कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए तुरंत हजारों ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर और अन्य जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण मुहैया कराएगा। इसके अलावा स्विस बैंक का यूबीएस ग्रुप एजी भारत में चल रहे राहत अभियान में 15 लाख डालर (11 करोड़ रुपये) की मदद करेगा। वह चिकित्सा की आपूर्ति में योगदान देगा।
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