रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए लागू लॉकडाउन के मद्देनजर शराब की ऑनलाइन बिक्री और होम डिलिवरी की अनुमति दे दी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। वहीं, विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि लगता है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता कोविड-19 महामारी के दौरान लोगों को चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने की जगहशराब उपलब्ध कराने की है।
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अधिकारियों ने बताया कि राज्य के वाणिज्यिक कर विभाग ने शनिवार को आबकारी आयुक्तों को शराब की होम डिलिवरी और ऑनलाइन बिक्री की अनमुति देने की मंजूरी दी। बता दें कि लॉकडाउन के दौरान राज्य में शराब की दुकानें बंद हैं। आबकारी विभाग के अधिकारी ने कहा, ‘‘ लॉकडाउन के दौरान शराब का अवैध उत्पादन, बिक्री, परिवहन को रोकने के लिए सोमवार से ऑनलाइन ऑर्डर पर होम डिलिवरी की अनुमति दी गई है।’’ अधिकारी के मुताबिक शराब की होम डिलिवरी के लिए सुबह नौ बजे से रात के आठ बजे तक की समय सीमा तय की गई है।
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हालांकि, जिला प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार समय में बदलाव कर सकता है। छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने शनिवार को कहा था कि शराब की अवैध बिक्री और सैनिटाइजर व अल्काहोल आधारित दवाएं शराब की जगह पीने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सरकार शराब की होम डिलिवरी दोबारा शुरू करने पर विचार कर रही है। सरकार के इस फैसले की आलोचना करते हुए भाजपा नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धर्मलाल कौशिक ने कहा, ‘‘राज्य सरकार का फैसला दिखाता है कि उसे लोगों के स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। कोविड-19 मरीजों के इलाज की सुविधा जुटाने पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय वह शराब परोसने को प्राथमिकता दे रही है।
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