नयी दिल्ली। सरकार ने बुधवार को कहा कि चक्रवाती तूफ़ान ‘यास’ से दूरसंचार ढांचे को मामूली नुकसान हुआ है तथा नुकसान को कम करने के लिए लोगों को पहली बार स्थानीय भाषाओं में संदेश देने के लिये नेटवर्क का व्यापक तौर पर इस्तेमाल किया गया। दूरसंचार सचिव अंशु प्रकाश ने पीटीआई-से कहा कि यास चक्रवात के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए स्थानीय भाषाओँ में पहली बार ऑडियो संदेश के जरिये सतर्क किया गया।
इसे भी पढ़ें: हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी डोमिनिका में पकड़ा गया
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा पहली बार हुआ है जब लोगों को स्थानीय भाषाओँ में सन्देश भेजे गए, जिसका अनुकूल असर होना चाहिए। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) ने इस सुविधा को मुफ्त प्रदान करने में तत्परता से सहयोग किया। हम इस सुविधा को आपदा प्रबंधन के लिए मानक प्रोटोकॉल के रूप में जोड़ेंगे।’’ दूरसंचार विभाग ने एक बयान में कहा, ‘‘स्थानीय निवासियों को सचेत करने के लिए कुल 6 करोड़ से अधिक एकमुश्त संदेश स्थानीय भाषाओं में भेजे गए। इनमें से 3.87 करोड़ पश्चिम बंगाल में, 2.43 करोड़ ओडिशा में और 36.4 लाख आंध्र प्रदेश में भेज गए।’’
इसे भी पढ़ें: कमलनाथ ने आउटसोर्स कर्मचारियों को कलेक्टर दर से पारिश्रमिक देने की सरकार से मांग
विभाग ने कहा कि चक्रवात का असर पश्चिम बंगाल में पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बकुरा, दक्षिण 24 परगना और झारग्राम और ओडिशा में बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, क्योंझर और मयूरभंज जिले में पड़ा है। वही सूत्रों के अनुसार दूरसंचार ढांचे पर चक्रवात से 5 से 7 प्रतिशत प्रभाव पड़ा है। इसका मुख्य कारण बिजली कट जाना रहा है। बिजली उपलब्ध होने के बाद प्रभावित क्षेत्र में सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/2SxD2W5
0 Comments