कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच देश में वैक्सीन को लेकर राजनीतिक लड़ाई तेज हो गई है। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने साफ तौर पर कहा है कि केंद्र सरकार ही यह फैसला करती है कि किस राज्य को टीके की कितनी खुराक मिलेगी। सिसोदिया ने कहा कि ‘कोवैक्सीन’का निर्माण करने वालों ने हमें स्पष्ट रूप से कहा है कि वे हमें और खुराक नहीं दे सकते। ‘कोवैक्सीन’ का निर्माण करने वालों ने हमें लिखा है कि वे संबंधित सरकारी अधिकारियों के निर्देशानुसार आपूर्ति कर रहे हैं।
सिसोदिया ने दावा किया कि ‘कोवैक्सीन’ का निर्माण करने वाली कम्पनी का पत्र स्पष्ट करता है कि केन्द्र सरकार ही यह फैसला करती है कि किस राज्य को टीके की कितनी खुराक मिलेगी। हमने 17 स्कूलों में उन 100 केन्द्रों को बंद कर दिया है, जहां ‘कोवैक्सीन’ टीका लगाया जा रहा था। सिसोदिया ने कहा कि हम केन्द्र से अनुरोध करते हैं कि स्थिति की गंभीरता समझे, टीकों का निर्यात बंद करे और टीके का ‘फॉर्मूला’ अन्य कम्पनियों के साथ भी साझा करे। हम केन्द्र से आग्रह करते हैं कि भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में मौजूद अन्य टीकों के इस्तेमाल को मंजूरी दे, राज्यों को तीन महीने के अंदर सभी को टीके लगाने का निर्देश दें।हमारे पास वैक्सीन का जो भी स्टॉक था खत्म हो गया है। हमारे पास कोविशिल्ड के जो सेंटर थे वे चल रहे हैं। कोवैक्सीन के सेंटर हमें बंद करने पड़े हैं: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया https://t.co/YlUuj4AGnz
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 12, 2021
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