भुवनेश्वर। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ओडिशा सरकार को सुझाव दिया है कि राज्य में कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन और अन्य उपायों के बजाए बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाना बेहतर है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ओडिशा की टीकाकरण परामर्श समिति की बैठक में ये विचार जताए। डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी की अध्यक्षता वाली समिति की बैठक में में डॉ. देवी शेट्टी, डॉ. रमाकांत पांडा, डॉ. सुब्रत आचार्य, डॉ. ललित कांत, डॉ. मृदुला फड़के, डॉँ. दत्तेश्वर होता, डॉ. ई वेंकट राव, डॉ संघमित्र पाटी, डॉ. एम आर पटनायक, डॉ. अजय परीदा और डॉ. सीबीके मोहंती उपस्थित हुए।
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डिजिटल तरीके से हुई बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य के निमंत्रण को स्वीकार करने और इस विषय पर विचार देने के लिए सभी विशेषज्ञों का शुक्रिया अदा किया। पटनायक ने कहा कि कोविड-19 और तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं हैं। मुख्यमंत्री ने भविष्य में महामारी की संभावित लहर को रोकने और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के विषय पर देश के नामी स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह मांगी थी। पटनायक ने कहा, ‘‘विशेषज्ञों के सुझावों पर गौर करते हुए हमें कोरोना वायरस को हराने के लिए काम करना होगा।’’ समिति के अध्यक्ष डॉ. के श्रीनाथ रेड्डी ने संक्रमण के मद्देनजर पहले से कई रणनीति अपनाने की सलाह दी।
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प्रोफेसर वेंकट राव ने राज्य में पहली लहर और दूसरी लहर के दौरान संक्रमण की स्थिति की तुलना की। उन्होंने कहा कि ओडिशा में 18-44 साल के उम्र समूह में टीकाकरण के लिए दो करोड़ योग्य लोग हैं। डॉ. देवी शेट्टी ने 18-44 साल के लोगों के टीकाकरण के संबंध में सबसे पहले घोषणा करने के लिए ओडिशा सरकार की सराहना की। उन्होंने टीकाकरण को प्राथमिकता दिए जाने पर जोर देते हुए कहा,‘‘लॉकडाउन की तुलना में टीकाकरण ज्यादा कारगर है।
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