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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आये पूर्व मंत्री बनर्जी हावड़ा में अपनी दोमजुर सीट बचा नहीं पाए। भाजपा ने इसी सीट से उन्हें प्रत्याशी बनाया था। वैसे पूर्व विधायक ने यह कहते हुए मंगलवार के बयान को स्पष्ट करने से इनकार कर दिया कि वह जो कहना चाहते थे, उसे उन्होंने कह दिया है। इस बीच, हावड़ा के दोमजुर में बुधवार को जगह-जगह पोस्टर लगाये गये जिसमें कहा गया है कि ‘‘जिन्होंने ममता बनर्जी को धोखा दिया, उनके लिए बंगाल में कोई स्थान नहीं है।’’ फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ कि ये पोस्टर किसने लगाए। एक पोस्टर में लिखा गया है , ‘‘ (गद्दार) मीर जाफर को दोमजुर में वापस नहीं आने दिया जाएगा।’’ उसमें यह भी दावा किया है कि तृणमूल कार्यकर्ताओं की ओर यह पोस्टर लगाया गया है।
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दल-बदलने वाले तृणमूल कांग्रेस के कई पूर्व नेताओं ने पिछले कुछ सप्ताह में ममता बनर्जी के खेमे में लौटने की इच्छा प्रकट की है, उनमें पूर्व विधायक सोनाली गुहा एवं दीपेंदु विश्वास आदि प्रमुख नेता हैं। कुछ अन्य भी कथित रूप से तृणमूल नेतृत्व को संकेत दे रहे हैं और उन्हें तृणमूल में वापसी की आस है। तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा दो जून को भाजपा नेता मुकुल रॉय की बीमार पत्नी को देखने के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद इस बात की अटकलें तेज हो गयीं कि राजनीतिक समीकरण में बदलाव आ सकता है। राय भाजपा में आने से पहले तृणमूल कांग्रेस में महासचिव थे। हाल ही में अभिषक बनर्जी को महासचिव बनाया गया है। राय 2017 में भाजपा में शामिल हो गये थे। राय प्रदेश भाजपा नेतृत्व द्वारा मंगलवार को बुलायी गयी बैठक में भी नहीं पहुंचे।
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