किसी भी देश की सैन्य ताकत से उसके आवाम में सुरक्षा की भावना पैदा होती है और देश की रक्षा की खातिर अपने जान की बाजी लगाना त्याग का सबसे बड़ा उदाहरण भी माना जाता है। प्राचीन धर्म ग्रंथों में भी लिखा है 'जननी, जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी' अर्थात माता और मातृभूमि का स्थान स्वर्ग से भी बढ़कर है। वर्तमन दौर में किसी भी देश की सैन्य ताकत से ही उसकी मजबूती का अंदाजा लगाया जाता है। इस लिहाज से गौर फरमाए तो जिस देश की सेना जितनी बड़ी, अत्याधुनिका और संख्याबल में बड़ी होती है, इसे दुनिया में उतना ही ताकतवर माना जाता है। आज कारगिल विजय दिवस के 22 साल पूरे हुए हैं। जब पाकिस्तान ने 1999 में धोखे से घात करने की कोशिश की थी और बदले में उसे ऐसा मुंहतोड़ जवाब मिला था कि उसकी टीस आज तक उसके जेहन में जिंदा है। सेना के शौर्य और पराक्रम की गाथाएं पूरी दुनिया जानती है। कारगिल युद्ध के बाद से भारतीय सेना की ताकत में बड़ा इजाफा हुआ है। भारतीय सेना वर्तामान दौर में एक साथ पाकिस्तान और चीन के साथ युद्ध करने में सक्षम हो चुकी है।
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कमेटी के सुझाए 62 बिन्दुओं पर हुआ काम
कारगिल युद्ध के बाद से भारतीय सेना की ताकत में कई गुणा इजाफा हुआ है। कारगिल युद्ध के बाद तत्कालीन केंद्र सरकार ने एक कमेटी गठित की थी। उस कमेटी ने सेना की मजबूती को लेकर 75 बिन्दुओं पर काम करने की सिफारिश की थी। जिसमें से 62 बिन्दुओं पर काम पूरा हो चुका है। यानी कि भारतीय सेना की ताकत इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि वो एक साथ पाकिस्तान और चीन दोनों से मुकाबला कर सकती है। देश की सीमाएं इतनी सुरक्षित हो चुकी है कि कारगिल जैसी घुसपैठ अब देश के दुश्मनों के लिए ख्वाब सरीखा है।
भारत के पास है दुनिया की चौथी सबसे ताकतवर सेना
दुनिया की 10 सबसे ताकतवर सेनाओं की लिस्ट में भारत चौथे पायदान पर है। इसी दम पर उसने लद्दाख में चीनी सैनिकों को पीछे हटने पर मजबूर किया और पाकिस्तान की हरकतों का एलओसी पर उसे माकूल जवाब भी मिलता रहता है। रक्षा मामलों की वेबसाइट मिलिट्री डायरेक्ट पर रविवार को जारी अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक 100 अंकों के सूचकांक में 82 अंकों के साथ चीन की सेना दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। वहीं पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान 10नें स्थान पर है।
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