केंद्रीय मंत्रिमंडल में विस्तार की चर्चा के बीच आज एक साथ कई राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। आपको बता दें कि ऐसा पहली बार है जब एक साथ इतने सारे राज्यों के राज्यपाल नियुक्त किए गए हैं। साथ ही एससी, एसटी और ओबीसी गवर्नरों की नियुक्ति रिकॉर्ड संख्या में की गई है।
मोदी सरकार में महिला राज्यपालों की भी रिकॉर्ड नियुक्ति की गई है। ऐसा सम्मान अद्वितीय कि 3 जाट नेता वर्तमान में राज्यपाल के रूप में सेवा कर रहे हैं। अनुसूचित जाति समुदाय के सम्मान के रुप में इन समुदायों से संबंधित लोगों को पर्याप्त संख्या में गवर्नर असाइनमेंट दिए गए हैं।
एक नजर डालते हैं अनुसूचित जाति समुदायों के गर्वनरों की सूची पर
थावरचंद गहलोत, भाजपा के सबसे बड़े एससी नेताओं और पूर्व कैबिनेट मंत्री में से हैं, जो कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में काम करेंगे। राजेंद्र अर्लेकर अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल बनेंगे। उन्होंने गोवा विधानसभा में पेरनेम का प्रतिनिधित्व किया है।सत्यदेव नारायण आर्य, जो त्रिपुरा के राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। बेबी रानी मौर्य वर्तमान में उत्तराखंड की राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।
अब बात करते हैं आदिवासी समुदायों के राज्यपाल के बारे में:
मंगूभाई पटेल, जो अब मध्य प्रदेश के राज्यपाल होंगे, गुजरात में वर्षों के राजनीतिक अनुभव के साथ आदिवासी समुदायों के लंबे समय से नेता हैं। अनुसुइया उइके छत्तीसगढ़ की राज्यपाल हैं।
ओबीसी गवर्नरों के रुप में उन नेताओं को प्रमुख रुप से तव्वजों दी जा रही है जिन्होंने इस समुदाय की आकांक्षाओं के लिए काम किया है। इस समुदाय के गर्वनरों की लिस्ट में शामिल हैं-
लोनिया समुदाय से ताल्लुक रखने वाले फागू चौहान बिहार के राज्यपाल हैं। रमेश बैस अब झारखंड के राज्यपाल बनेंगे। बंडारू दत्तात्रेय हिमाचल प्रदेश में एक कार्यकाल के बाद हरियाणा के राज्यपाल होंगे। गंगा प्रसाद चौरसिया सिक्किम के राज्यपाल हैं।
वहीं देश के इतिहास में पहली बार जाट समुदाय से गवर्नर नियुक्त किए गए हैं। इसमें शामिल हैं-
आचार्य देवव्रत पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात के राज्यपाल हैं। सत्यपाल मलिक मेघालय के राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं।
वहीं मुस्लिम समुदाय के गवर्नर भी राज्यों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इसमें आरिफ मोहम्मद खान केरल और नजमा हेपतुल्ला मणिपुर की राज्यपाल का नाम शामिल हैं। दोनों ही मुस्लिम समुदाय का प्रमुख आधार हैं।
तेलुगु गवर्नरों को भी राज्यों की कमान सौंपी गई है। इसमें हरि बाबू (बंडारू दत्तात्रेय के साथ) की नियुक्ति से राज्यपालों की सूची में तेलुगु की संख्या 2 हो जाती है।
वहीं केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने नारी शक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए 2014 अबतक 8 राज्यपाल और उपराज्यपाल के रुप में महिलाओं की नियुक्ति की है।
मोदी सरकार में यह है महिला राज्यपालों की संख्या
2014 में जिनकी नियुक्ति की गई उनमें मृदुला सिन्हा द्रौपदी मुर्मू - वरिष्ठ आदिवासी समुदाय की नेता, नजमा हेपतुल्ला- सम्मानित मुस्लिम नेता, आनंदीबेन पटेल, बेबी रानी मौर्य - आदरणीय एससी नेता, अनुसुइया उइके - आदरणीय एसटी नेता, तमिलसाई सुंदरराजन - अनुभवी ओबीसी नेता और किरण बेदी का नाम शामिल है।
मोदी सरकार में 8 महिला राज्यपाल नियुक्तियों में से 5 एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों की हैं।
वहीं अगर अब पिछली सरकारों में राज्यपाल के तौर पर महिलाओं की संख्या पर नजर डाली जाए तो-
जवाहरलाल नेहरू - सरोजनी नायडू, पद्मजा नायडू और विजयलक्ष्मी पंडित (नेहरू की बहन)
मोरारजी देसाई- शारदा मुखर्जी और ज्योति वेंकटचलम
राजीव गांधी- कुमुदबेन जोशी, राम दुलारी सिन्हा, और सरला ग्रेवाल
वीपी सिंह- चंद्रावती
पी.वी. नरसिम्हा राव- शीला कौल और राजेंद्र कुमारी बाजपेयी
एचडी देवेगौड़ा- फातिमा बीविक
आईके गुजराल- वी.एस. रामादेविक
अटल बिहारी वाजपेयी- रजनी राय
डॉ मनमोहन सिंह- प्रतिभा पाटिल, प्रभा राव, मार्गरेट अल्वा, कमला बेनीवाल, उर्मिला सिंह और शीला दीक्षित का नाम शामिल है।
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