"खान साहब, जब भी करतारपुर साहब के लांगे का इतिहास लिखा जाएगा। पहले पन्ने पर आपका नाम लिखा जाएगा। मेरे यार, दिलदार इमरान खान का शुक्रिया।" सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल करतारपुर साहिब तक जाने वाले कॉरिडोर के समारोह में कांग्रेस नेता और उस वक्त पंजाब सरकार के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पाकिस्तानी कप्तान और अपने पुराने दोस्त इमरान खान की शान में कुछ इस कदर कसीदे पढ़े थे। जिसको लेकर देश की राजनीति में बहुत बवाल हुआ था। लेकिन सिद्धू का पाकिस्तान के साथ दोस्ताना एक बार फिर सामने आया है और इसको लेकर फिर से बवाल शुरू हो गया है। नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किए जाने पर पाकिस्तान से भी बधाई भेजी गई है। जिसको लेकर बीजेपी और अकाली दल हमलावर है।
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पाकिस्तान एसजीपीसी ने की ये अपील
पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानी एसजीपीसी ने अध्यक्ष बनने पर नवजोत सिंह सिद्धू को बधाई दी है। उनसे करतारपुर कारिडोर को फिर से खुलवाने में भूमिका अदा करने का आग्रह किया है। एसजीपीसी ने पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बनने पर नवजोत सिंह सिद्धू को बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि ये दुनियाभर के सिखों के लिए गर्व का क्षण है। इसके साथ ही पीएसजीपीसी ने उनसे करतारपुर कॉरिडोर को फिर से खुलवाने में भूमिका अदा करने का आग्रह किया।
बीजेपी और अकाली दल हमलावर
सिद्धू को पीएसजीपीसी के बधाई संदेश के साथ अपील के बाद बीजेपी और अकाली दल ने निशाना साधा है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि यह सिद्धू की लिखी स्क्रिप्ट है। कॉरिडोर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद बना था और केंद्र के फैसले से ही खुलेगा। बीजेपी नेता ने कहा कि भले ही सिद्धू पाकिस्तानी आर्मी चीफ बाजवा को गले लगाते हों, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि यह दो देशों के बीच का मामला है। इसमें सिद्धू की कोई भूमिका नहीं है। वहीं अकाली दल प्रवक्ता और पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बधाई तो कोई भी किसी को दे ले, लेकिन पीएसजीपीसी को यह ध्यान रखना चाहिए कि यह दो देशों के बीच का मामला है, किसी व्यक्ति विशेष का नहीं।
पंजाब कांग्रेस प्रमुख के तौर पर पहली बैठक की
महीनों के बाद कांग्रेस पार्टी पंजाब वाला झगड़ा सुलझाने का सुकून शायद महसूस कर रही होगी। नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब कांग्रेस के पद पर ताजपोशी हो गई। ताजपोशी वाले दिन अमरिंदर सिंह भी शामिल हुए। साथ-साथ की तस्वीरें सामने आईं। कांग्रेस आलाकमान के दवाब में ही सही ऊपरी तौर पर जताने की कोशिश हुई कि कांग्रेस में सब ठीक है। पंजाब कांग्रेस प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी की प्रदेश इकाई के चार कार्यकारी अध्यक्षों और विभिन्न मोर्चों के प्रतिनिधियों के साथ अपनी पहली बैठक की। पार्टी ने कहा कि सिद्धू ने जमीनी स्तर पर पार्टी को और मजबूत करने के बारे में चार कार्यकारी अध्यक्षों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने पंजाब कांग्रेस भवन में युवा कांग्रेस, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया(एनएसयूआई), अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ और विधि प्रकोष्ठ सहित पार्टी के संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनके विचार सुने। पार्टी ने कहा कि सिद्धू ने प्रतिनिधियों से उनके कामकाज का ब्योरा भी लिया और इसकी जानकारी ली कि संगठन को और मजबूत करने में वे कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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