2013 में आई नीरज पांडे की बेहतरीन फिल्म ‘स्पेशल 26’ में रेड मारने गए सीबीआई इंस्पेक्टर वसीम खान का रोल निभा रहे मनोज बाजपेयी कहते हैं, ‘हम सीबीआई से हैं… असली वाले।’ ‘असली वाले’ बताने का कारण यह था कि अक्षय कुमार की अगुवाई वाला एक दूसरा ग्रुप सीबीआई से होने का दावा करके अमीर लोगों के यहां रेड कर रहा था और उनकी संपत्ति लेकर गायब हो जा रहा था। अब ऐसा ही खुद को फर्जी सीबीआई का फर्जी अधिकारी बताने और नीली बत्ती वाली गाड़ी में घूमने वाले एक व्यक्ति को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि इस व्यक्ति को 5 जून को गिरफ्तार किया गया और उसकी पहचान सनातन रॉय चौधरी के रूप में की गई है।
पेशे से है हाई कोर्ट का वकील
पेश से कलकत्ता हाई कोर्ट का वककील बताए जाने वाला सनातन रॉय बारंगार के मंडलपाड़ा इलाके का रहने वाला है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार सनातन रॉय चौधरी ने सोशल मीडिया पर खुद को सीबीआई के विशेष वकील के रूप में खुद को पेश किया। इससे साथ ही अन्य विवरण भी पोस्ट किए जो विरोधाभासी हैं और उसकी जांच की जा रही है।
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झूठी पहचान बताकर फर्जीवाड़ा करने का आरोप
सनातन रॉय चौधरी नीली बत्ती वाली एक गाड़ी में शहर में घूमा करता था। पुलिस ने जब उसे चौकी पर रोका, तब वह इस तरह से घूमने के बारे में पूछे गये सवालों का जवाब नहीं दे सका। उन्होंने बताया कि वाहन को जब्त कर लिया गया है, जिस पर सीबीआई और अधिवक्ता लिखा स्टीकर लगा हुआ है। पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘गिरफ्तार व्यक्ति ने दावा किया वह सीबीआई से जुड़े मामलों में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर चुका है। ’’ उन्होंने बताया कि शुरूआती जांच में पता चला है कि चौधरी गरियाहाट इलाके में 10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहा था।
ब्रिक्स सम्मेलन में हुआ शामिल
कोलकाता पुलिस की पूछताछ के दौरान सनातन चौधरी ने जो खुलासा किया है वो बेहद ही सनसनीखेज है। संतन ने देश-विदेश में एक से अधिक जगहों का दौरा किया है। सनातन रॉय चौधरी खुद को मुख्यमंत्री का सलाहकार बताते हुए और केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि के रूप में दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया था। पुलिस ने गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल हुआ था या नहीं इसकी जानकारी मांगेगी।
फर्जी आईएएस बनकर टीकाकरण का मामला आया था सामने
पिछले महीने ही कोलकाता पुलिस ने नकली आईएएस अफसर को पकड़ा था। इस शख्स ने कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन का जॉइंट कमिश्नर बनकर कोरोना वायरस वैक्सीनेशन का नेटवर्क ही चला दिया था। नीली बत्ती लगी गाड़ी से चलता था, फर्जी आईकार्ड रखता था। इसके धोखे में टीएमसी सांसद और फिल्म अभिनेत्री मिमी चक्रवर्ती भी आ गईं। कोलकाता में पुलिस ने संदिग्ध कोविड टीकाकरण शिविर के संबंध में फर्जी आईएएस अधिकारी देबांजन देव को गिरफ्तार कर लिया, इसके साथ ही उसके तीन और सहयोगियों को 26 जून को गिरफ्तार किया गया।
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