इस समय एक प्रमुख डेटा लीक की रिपोर्ट हर जगह छाई हुई है। जी हां, बात कर रहे है पेगासस स्पाइवेयर(Pegasus)की जो कि इस समय काफी चर्चे में है। इससे पहले भी पेगासस स्पाइवेयर साल 2019 में व्हाट्सएप यूजर के पर्सनल डेटा से समझौता करने के लिए खबरों में बना हुआ था। द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार जासूसी डेटाबेस में 40 से अधिक भारतीय पत्रकार, तीन विशेष विपक्षी हस्तियां, पीएम मोदी सरकार में दो सेवारत मंत्री, सुरक्षा संगठनों के वर्तमान और पूर्व प्रमुख और अधिकारी और कई बिजनेसमेन शामिल थे। आपको बता दें कि द गार्जियन और द वाशिंगटन पोस्ट सहित कई प्रमुख समाचार वेबसाइटों ने इस पेगासस का इस्तेमाल कर कई बड़े खुलासे किए है।
Pegasus क्या है और यह कैसे काम करता है?
Pegasus जानने वालों के दिमाग में इस वक्त यह सवाल चल रहे होंगे कि क्या आपको इस स्पाइवेयर से अपने डेटा के लीक होने से चिंतित होना चाहिए? तो जवाब है हां। पहले बता दें कि आखिर पेगासस होता क्या है। पेगासस एक स्पाइवेयर है जोकि इजरायल स्थित साइबर इंटेलिजेंस फर्म एनएसओ ग्रुप द्वारा बनाया गया है। यह एक ऐसा जासूसी सॉफ्टवेयर है जो आपके डेटा को हैक करने और इसे तीसरे पार्टी तक पहुंचाता है। यह आपके कंप्यूटर और स्मार्टफोन को हैक कर लेगा। बता दें कि यह कोई रैंडम सॉफ्टवेयर नहीं है जो आपको ऑनलाइन मिलेगा। यह प्रमुख व्यक्तियों के मोबाइल से डेटा इक्ट्ठा करता है जिसमें गंभीर अपराध और आतंक में शामिल होने का संदेह होता है। यह बिना व्यक्ति की सहमति के डेटा एकत्र करता है। हालांकि, एनएसओ समूह ने दावा किया है कि उनका मकसद 'सरकारी एजेंसियों को आतंकवाद और अपराध का पता लगाने और रोकने में मदद करने के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। पेगासस स्पाइवेयर पहली बार साल 2016 में सामने आया था, जब एक अरब कार्यकर्ता को उसके आइफोन पर एक संदिग्ध मैसेज मिला थ। एक साल बाद एंड्राइड फोन में भी इसी तरह के लीक्स देखने को मिले थे। साल 2019 में, फेसबुक ने पेगासस बनाने के लिए एनएसओ के खिलाफ मामल दर्ज किया, इसमें कई प्रमुख हस्तियों के डेटा को हैक किया गया था।
इसे भी पढ़ें: दिल्लीवालों की परेशानी रहेगी बरकरार, राजधानी में आज हल्की बारिश के आसार
Pegasus का उपयोग फ़ोन हैक करने के लिए कैसे किया जाता है?
इसे भी पढ़ें: भारत में 125 दिन बाद सबसे कम नए COVID-19 केस दर्ज
from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/3rkHvZr
0 Comments