इजरायल के सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिये जासूसी को लेकर सड़क से संसद तक विपक्षी पार्टियों की मोर्चाबंदी जारी है। जिसका असर संसद के मानसून सत्र पर भी पड़ता दिख रहा है। कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना समेत तमाम विपक्षी दल एक साथ इस मामले को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ हमलावर है। वहीं बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के तेवर भी मोदी सरकार के खिलाफ तल्ख नजर आ रहे हैं और उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से पेगासस मामले पर संज्ञान लेते हुए जांच की मांग कर डाली है।
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बसपा सुप्रीमो ने ट्विट करते हुए कहा कि संसद का चालू मानसून सत्र देश, जनहित व किसानों आदि के अति-जरूरी मुद्दों पर सरकार व विपक्ष के बीच अविश्वास व भारी टकराव के कारण यह सत्र सही से चल नहीं पा रहा है। पेगासस जासूसी कांड भी काफी गरमा रहा है, फिर भी केन्द्र इस मुद्दे की जाँच कराने को तैयार नहीं। इससे देश चिन्तित है। मायावती ने सुप्रीम कोर्ट ने अनुरोध करते हुए कहा कि वह देश में इस बहुचर्चित पेगासस जासूसी काण्ड के मामले में खुद ही संज्ञान लेकर इसकी जाँच अपनी निगरानी में कराये ताकि इसको लेकर सच्चाई जनता के सामने आ सके।
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