कोलकाता। पश्चिम बंगाल सीआईडी द्वारा कोलकाता हवाईअड्डे के निकट एक इलाके से दो लोगों के पास से पिछले सप्ताह जब्त किया गया पदार्थ रेडियोधर्मी कैलिफोर्नियम नहीं है, जैसा कि पहले संदेह जताया गया था। इस पदार्थ की भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) में हुई जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई। सीआईडी के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा, ‘‘जब्त किया गया पदार्थ कैलिफोर्नियम नहीं हैं। बीएआरसी की परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ये पदार्थ रेडियोधर्मी सामग्री नहीं है, बल्कि कुछ और है।
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हमें जांच रिपोर्ट मिल गई है।’’ उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को गिरफ्तार किए गए लोगों ने पदार्थों के बारे में संभवत: गलत जानकारी फैलाई होगी ताकि लोगों को बेवकूफ बनाया जा सके। सीआईडी के अधिकारी इस मामले के पीछे के रहस्य का पता लगाने के लिए दोनों गिरफ्तार लोगों और शार्पशूटर के रूप में पहचाने जाने वाले एक अन्य व्यक्ति से पूछताछ कर रहे हैं, जिसे उन्होंने पदार्थों की जब्ती के एक दिन बाद पकड़ा था।
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गिरफ्तारी के दौरान दोनों ने दावा किया कि उन्होंने कर्नाटक के किसी व्यक्ति से रेडियोधर्मी पदार्थ खरीदा था, जिसका कुल वजन 250 ग्राम था। सीआईडी अधिकारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को परमाणु ऊर्जा कानून और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। संदेह जताया गया था कि उक्त पदार्थ को किसी प्रयोगशाला से चुराया गया हो।
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