बिहार की राजनीति में एक बार फिर से नीतीश कुमार को लेकर अलग-अलग कयासों के दौर शुरू हो गए हैं। हाल में ही जदयू संसदीय दल के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का मटेरियल बताया था। इसी को लेकर पटना में कुछ पत्रकारों ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल कर दिया। इस सवाल के जवाब में नीतीश कुमार ने बिना किसी लागलपेट के कहा कि पार्टी के साथी कुछ भी बोल देते हैं। हमारे बारे में ऐसा कहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि हम तो यहां की सेवा करते करते आगे बढ़ रहे हैं। हमारे मन में अब कोई आकांक्षा नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने हाथ भी जोड़ लिया।
अपने बयान में नीतीश ने कहा कि हम सेवक है सेवा कर रहे हैं। फिलहाल मेरे मन में कोई आकांक्षा, कोई इच्छा नहीं है। हालांकि जब नीतीश ने साफ तौर पर पूछा गया कि आप पीएम पद के लायक नहीं है तो इस पर उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया। नीतीश कुमार ने इस सब बात को भी खारिज कर दिया कि उपेंद्र कुशवाहा ललन सिंह को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज हैं। आपको बता दें कि हाल में ही पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में हुई जहां आरसीपी सिंह की जगह ललन सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।"जनता के दरबार" के बाद पत्रकारों से बात करते हुए श्री @NitishKumar https://t.co/N8u0fJ9gCg
— Janata Dal (United) (@Jduonline) August 2, 2021
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इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री और एनडीए के प्रमुख सहयोगी नीतीश कुमार ने भी पेगासस मामले की जांच की मांग कर दी है। संवाददाताओं से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि संसद में पेगासस मुद्दे पर चर्चा होनी चाहिए। साथ ही साथ उन्होंने कहा कि इस पर जांच होनी चाहिए। नीतीश ने कहा, वास्तव में जांच होनी चाहिए। हम इतने दिनों से टेलीफोन टैपिंग के बारे में सुन रहे हैं, इस मामले पर (संसद में) चर्चा होनी चाहिए। लोग (विपक्ष) इतने दिनों से (बातचीत के लिए) दोहरा रहे हैं, यह किया जाना चाहिए।
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