विजेता जयपाल ने संवाददाताओं से कहा कि मैंने यह टिकट 10 सितंबर को त्रिपुनित्तूरा से खरीदा था। और इस टिकट की कीमत ₹300 थी। उसने बताया कि मैंने फैंसी सा नंबर देखकर उस टिकट का चयन किया था। आपको बता दें कि टैक्स और एजेंसी के कमीशन की कटौती के बाद उन्हें लगभग 7.4 करोड रुपए की धनराशि दी जाएगी।
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उनका कहना है कि वह नियमित रूप से लॉटरी टिकट खरीदते रहते हैं और पहले भी उन्होंने ₹5000 की धनराशि जीती है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि आप जीती हुई राशि का क्या करेंगे तो जय पालन ने कहा कि- मेरे ऊपर कुछ कर्ज है, जिसे मैं चुकाना चाहता हूं। मेरे अदालत में दो दीवानी मामले चल रहे हैं ,जिन्हें में क्लियर करना चाहता हूं। साथ ही मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहता हूं ।
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जयपाल की मां का कहना है कि हम कर्ज में डूबे हुए हैं,अगर यह लॉटरी नहीं लगती तो मेरा बेटा भुगतान नहीं कर पाता। आखिरकार भगवान ने मेरे आंसू देख लिए और हमारी मदद की। आपको बता दें कि इससे पहले केरल के वायनाड जिले के दुबई में रहने वाले एक रसोईया सैयद अल्वी ने विजेता होने का दावा किया था।
उनका कहना था कि केरल में ही उनके एक दोस्त ने उनके लिए टिकट खरीदा था और उन्हें विजई टिकट की एक तस्वीर भी भेजी थी लेकिन बाद में पता चला कि उसके दोस्त द्वारा अलावी को बरगलाया गया था। लॉटरी ड्रॉ के बाद टीवी चैनलों, सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने जानकारी साझा की जिससे राज्य की सबसे बड़ी लॉटरी के विजेता का पता चल पाया।
राज्य सरकार के लॉटरी विभाग ने कहा कि उन्होंने पिछले साल के मुकाबले इस साल 10 लाख टिकट अधिक छापे थे, जो इस साल 54 लाख रहे। सभी टिकट बिक गए और बंपर से बिक्री 126 करोड रुपए की रही।
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