पार्टी की प्रदेश इकाई में जारी अनबन के बीच मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे हरीश रावत ने पंजाब कांग्रेस भवन में एक बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्षों के लिए' पंज प्यारे' शब्द का इस्तेमाल किया था।
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क्या है 'पंज प्यारे''' शब्द?
सिख परंपरा में पंज प्यारे शब्द का प्रयोग गुरु के पांच प्रिय के रूप में किया जाता है। 1699 में दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह ने पांच लोगों को ( भाई साहिब सिंह, भाई धर्म सिंह, भाई हिम्मत सिंह, भाई मोहकम सिंह, भाई दया सिंह) को। यह नाम दिया था ।
बुधवार को अपने फेसबुक पेज पर रावत ने अपनी "पंज प्यारे "टिप्पणी के लिए अपनी गलती को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कभी-कभी सम्मान व्यक्त करके आप ऐसे शब्दों का प्रयोग करते हैं जो आपत्तिजनक होते हैं, मैंने भी अपने माननीय अध्यक्ष और चार कार्य कारी अध्यक्षों के लिए पंज प्यारे शब्द का इस्तेमाल करने की गलती की है।
उन्होंने कहा कि वह देश के इतिहास के छात्र हैं ,और वे जानते हैं कि पंज प्यारे की अग्रणी स्थिति की तुलना किसी और से नहीं की जा सकती। मुझसे गलती हुई है, मैं लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगता हूं ।
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रावत ने कहा कि वह अपने राज्य में एक गुरुद्वारे को प्रयश्चित के रूप में झाड़ू से साफ करेंगे। उन्होंने कहा कि सिख धर्म और और इसकी परंपराओं के प्रति मुझमें हमेशा समर्पण और भावना है ।
आपको बता दें कि शिरोमणि अकाली दल ने रावत की इस टिप्पणी की आलोचना की थी और मांग की थी कि राज्य सरकार को भावनाओं को आहत करने के लिए उनके खिलाफ मामला दर्ज करना चाहिए।
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