गुजरात के युवा दलित चेहरे जिग्नेश मेवाणी और जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई नेता कन्हैया कुमार के मंगलवार को कांग्रेस का हाथ मिलाना लगभग तय माना जा रहा था। दरअसल पिछले कुछ दिनों कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुई कन्हैया की मुलाकात के बाद उनके कांग्रेस में आने की हाहाकार मची हुई थी।हालांकि कन्हैया कुमार के कारोबारियों का कहना था यह कोई एक मौका नहीं है जब कन्हैया और राहुल की मुलाकात हुई हो। पिछले कुछ सालों में वह बहुत बार मिल चुके हैं। ऐसा बताया जा रहा है की कन्हैया सीपीआई के अंदर खुश नही है। वहां उन्हें घुटन महसूस हो रही है। इसलिए वह कांग्रेस से जुड़ना चाहते हैं।
इसे भी पढ़ें: मध्य प्रदेश में गुजरात की तर्ज पर कर सकते हैं शराब बंदी, ट्वीट कर बोलीं उमा भारती
बिहार के बेगूसराय की राजनीति पर कन्हैया फोकस करना चाहते हैं। उन्होंने साल 2019 में बेगूसराय से लोकसभा का चुनाव लडा था। जिसमे बीजेपी के गिरिराज सिंह को उन्होंने चुनौती दी थी। बिहार में कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करना चाहती है। कांग्रेस के मुताबिक पार्टी के लिए युवा चेहरा सहायतापूर्वक साबित हो सकता है।संगठन की मजबूती के लिए राहुल गांधी जमीन से जुड़े युवा चेहरों को अपनी पार्टी से जोड़ना चाहते हैं। कांग्रेस हाईकमान सरकार अब पंजाब के बाद राजस्थान में बदलाव की तैयारी कर रही है। कांग्रेस में पहले दिल्ली से लेकर जयपुर तक बदलावों में हलचल बढ़ रही है। दिल्ली में हो रहे बदलावों का खाका तैयार करने पर बैठकों का काम जारी है।
इसे भी पढ़ें: गुजरात के पोर्ट से 3,000 किलो हेरोइन जब्त, फर्म मालिक गिरफ्तार, अफगानिस्तान से हुई थी आयात
शुक्रवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से पायलट ने की मुलाकात। शनिवार को सचिन पायलट कई नेताओं से मिले। राजस्थान में बदलाव से पहले की तैयारियों को इन मुलाकातों से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के प्रस्तावित जयपुर दौरे में मंत्री विधायकों को 2 अक्टूबर की बैठक रखने के कार्यक्रम में सियासी हलकों में चर्चा छोड़ दी है। दिग्विजय के मंत्रियों और विधायकों से शनिवार शाम मिलने के कार्यक्रम को बंद किया गया है। जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। उनके मुलाकात के कार्यक्रम की घोषणा को गलत मैसेज बताया जा रहा।
from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/3o98BTE
0 Comments