नयी दिल्ली| राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 महामारी ने इस चुनौतीपूर्ण समय में सभी के लिए भोजन और पोषण सुनिश्चित करने की दिशा में आत्मविश्लेषण करने का सभी को मौका दिया है।
हरिवंश ने महामारी के बाद स्थिरता और खाद्य सुरक्षा विषय पर रोम में आयोजित सातवें जी20 अध्यक्ष शिखर सम्मेलन (पी-20) को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में कृषि क्षेत्र ने कोविड-19 के सबसे बुरे दौर में स्वयं को स्थिति के अनुरूप ढाल लिया।
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उन्होंने लाखों किसानों के अथक प्रयासों और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इसके कारण भारत में अब तक का सबसे अधिक 30 करोड़ 80 लाख टन खाद्यान्न पैदा हुआ। हरिवंश ने कहा कि कोविड-19 के समय में भी भारत ने न केवल अपने राष्ट्रीय खाद्य एवं पोषण कार्यक्रमों को जारी रखा, बल्कि सभी के लिए किफायती भोजन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त उपायों के साथ उन्हें आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान कृषि क्षेत्र की मदद करने के लिए भारत ने 11 करोड़ 37 लाख से अधिक किसानों को नकद सहायता प्रदान करने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण तंत्र शुरू किया।
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हरिवंश ने इस बात को भी रेखांकित किया कि जलवायु परिवर्तन और कुपोषण की दोहरी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फसल की 35 नई किस्में राष्ट्र को समर्पित कीं।
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