लखीमपुर खीरी हिंसा पर राजनीति आरंभ! प्रियंका गांधी किसानों से मिलने के लिए हुई रवाना, पुलिस ने हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद हिरासत में लिया https://ift.tt/eA8V8J

लखनऊ। प्रियंका गांधी वाड्रा को यूपी के लखीमपुर खीरी के रास्ते में हिरासत में लिया गया है। प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ आए कांग्रेस नेताओं ने उनकी गिरफ्तारी के विरोध में हंगामा किया और धरना दिया। घटना के बाद प्रियंका गांधी शाम को लखनऊ एयरपोर्ट पहुंची थीं और लखीमपुर खीरी जाते समय उन्हें पुलिस ने कई बार रोका। प्रियंका गांधी के काफिले को लखनऊ में रोक दिया गया था और पुलिस ने कौल हाउस को घेर लिया था, जहां वह अपने लखनऊ दौरे के दौरान ठहरती हैं। 

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लखीमपुर खीरी जा रही प्रियंका गांधी वाद्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया

लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में कई किसानों समेत आठ लोगों की मौत के बाद सोमवार तड़के मौके पर जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा को रास्ते में सीतापुर में हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू नेबताया कि वाद्रा तथा कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा समेत कुछ वरिष्ठ नेता लखीमपुर खीरी जा रहे थे। तभी तड़के करीब पांच बजे रास्ते में उन्हें सीतापुर में हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर वाद्रा से धक्का-मुक्की करने का भी आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस महासचिव किसानों का दुख-दर्द बांटने जा रही थीं और उन्हें इस तरह से रोका जाना अलोकतांत्रिक है।

 प्रिंयका गांधी वाद्रा और पुलिस के बीच घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा

कांग्रेस नेता प्रिंयका गांधी वाद्रा किसानों से मिलने के लिए रविवार आधी रात के बाद लखीमपुर खीरी रवाना हुईं। उन्होंने आरोप लगाया कि रास्ते में जगह-जगह पुलिस उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है। खबर लिखे जाने तक प्रियंका गांधी के सीतापुर जिले के सिंधौली पहुंचने की सूचना थी। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई निरंतर ट्विटर के जरिए पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी के काफिले के आगे बढ़ने, और पुलिस द्वारा उन्हें रोकने के कथित प्रयास किये जाने संबंधी जानकारी साझा कर रही है। कांग्रेस ट्विटर पर, नाकों पर पुलिस द्वारा काफिले को रोके जाने का वीडियो भी साझा कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले पार्टी ने आशंका जतायी थी कि प्रियंका को लखीमपुर खीरी जाने से रोकने के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस नजरबंद कर सकती है।

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  बसपा ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा, पुलिस की अलोचना की

उधर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र ने पुलिस प्रशासन पर लखीमपुर खीरी जाने से रोकने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने उन्हें नोटिस थमाया है जिसमें कहा गया है कि कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर वह लखीमपुर खीरी नहीं जा सकते। लिहाजा उन्होंने सोमवार को वहां जाने का इरादा छोड़ दिया है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह को भी देर रात लखीमपुर खीरी जाने से रोक दिया गया है।

 केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर खीरी दौरे के दौरान हुई हिंसा

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दौरे को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान रविवार को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया इलाके में भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। यह घटना तिकोनिया-बनबीरपुर मार्ग पर हुई। उप मुख्यमंत्री को कार्यक्रम स्थल पर लाने के लिए जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं के दो वाहनों द्वारा कथित रूप से प्रदर्शनकारियों को टक्कर मारे जाने के बाद नाराज किसानों ने दोनों वाहनों में आग लगा दी। इस घटना में चार किसानों तथा वाहनों पर सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई। किसान मौर्य के बनबीरपुर दौरे का विरोध कर रहे थे जो केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्रा का पैतृक गांव है।

 कांग्रेस नेता की भी हिंसा के दौरान मौत

अधिकारियों के अनुसार, हिंसा की घटना में चार किसानों सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई। प्रियंका और पार्टी के नेता दीपिन्दर सिंह हुड्डा रविवार रात लखनऊ पहुंचे। कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रवक्ता अशोक सिंह ने पीटीआई/को बताया, ‘‘प्रियंका लखरीमपुर खीरी रवाना हो गयी हैं।’’ इससे पहले पार्टी के एक नेता ने कहा था, ‘‘प्रियंका अभी(लखीमपुर खीरी के लिए) रवाना नहीं हुई हैं। उन्हें नजरबंद किए जाने की पूरी आशंका है। मकान के बाहर 300 पुलिसकर्मी और 150 महिला कांस्टेबल हैं। 300 से ज्यादा पार्टी कार्यकर्ता भी हैं।’’

प्रियंका ने हिंसा की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है और जानना चाहा कि क्या किसानों को इस देश में जिंदा रहने का अधिकार है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा देश के किसानों से कितनी नफ़रत करती है? उन्हें जीने का हक नहीं है? यदि वे आवाज उठाएँगे तो उन्हें गोली मार दोगे, गाड़ी चढ़ाकर रौंद दोगे? बहुत हो चुका। ये किसानों का देश है, भाजपा की क्रूर विचारधारा की जागीर नहीं है। किसान सत्याग्रह मजबूत होगा और किसान की आवाज और बुलंद होगी।



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