केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने सोमवार को सफदरजंग रेलवे स्टेशन से बौद्ध सर्किट ट्रेन एफएएम टूर को हरी झंडी दिखाई और लोगों से वैश्विक पर्यटन स्थलों पर जाने से पहले भारतीय पर्यटन स्थलों की यात्रा करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बौद्ध सर्किट ट्रेन एफएएम टूर का उद्देश्य देश में बौद्ध पर्यटन की संभावनाओं का उपयोग करना है। मंत्री ने कहा कि बौद्ध सर्किट पर्यटक ट्रेन बिहार में गया-बोधगया, राजगीर-नालंदा और उत्तर प्रदेश में सारनाथ-वाराणसी गंतव्यों को शामिल करेगी।
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भट्ट ने कहा, हमारे देश में महान विरासत और स्मारक हैं। हमारे पास कई बौद्ध पर्यटन स्थल हैं जहां जापान और चीन जैसे कई देशों के लोग आते हैं। इसलिए, हमें पहले अपनी समृद्ध विरासत का पता लगाना चाहिए।’’
पर्यटन मंत्रालय ने भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के सहयोग से केंद्र सरकार की देखो अपना देश पहल के तहत बौद्ध सर्किट ट्रेन एफएएम टूर का आयोजन किया है। इस यात्रा में प्रमुख बौद्ध स्थलों और बोधगया और वाराणसी में सम्मेलनों को कवर किया जाएगा।
कार्यक्रम में टूर ऑपरेटरों, होटल व्यवसायियों के साथ-साथ पर्यटन मंत्रालय और बिहार और उत्तर प्रदेश की राज्य सरकारों के अधिकारियों के शामिल होने की संभावना है। आईआरसीटीसी और पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि आखिरी बौद्ध सर्किट स्पेशल ट्रेन फरवरी 2020 में कोविड महामारी के भारत में आने से पहले चली थी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘देश अब पर्यटकों की मेजबानी के लिए तैयार है।
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