नयी दिल्ली| कांग्रेस ने पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की ओर से नयी पार्टी के गठन और भाजपा के साथ गठबंधन की संभावना की घोषणा किए जाने के बाद बुधवार को कहा कि उनके इस कदम से साबित हो गया कि उनको मुख्यमंत्री पद से हटाने का फैसला पूरी तरह सही था।
पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने यह सवाल भी किया कि क्या कृषि से संबंधित ‘तीनों काले कानून’ लाने को लेकर भाजपा और अमरिंदर सिंह के बीच कोई जुगलबंदी थी?
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पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के साथ विवाद और पार्टी में अंदरूनी कलह के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को कहा कि वह जल्द ही अपनी खुद की राजनीतिक पार्टी बनाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसानों के मुद्दे को उनके हित में सुलझाया जाता है तो उन्हें भाजपा के साथ सीट बंटवारे की व्यवस्था की उम्मीद है। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘क्या इन तीनों काले कानूनों को लेकर भाजपा और अमरिंदर सिंह जी की कोई जुगलबंदी थी?’’ उन्होंने कहा, ‘‘99 प्रतिशत विधायक तो इस बारे में पहले ही समझ गए थे। आज कैप्टन साहब अपने कदमों से कांग्रेस के निर्णय को शत प्रतिशत सही ठहरा रहे हैं।’’
वल्लभ ने कहा, ‘‘मैं पार्टी और पंजाब के लिए उनके योगदान को कमतर नहीं कर रहा हूं। लेकिन सवाल यह है कि उस पार्टी के साथ जाने में कैप्टन साहब को गुरेज क्यों नहीं है जिसने तीन काले कानून थोप दिए?’’
कांग्रेस महासचिव हरीश रावत ने कहा कि विधायक पहले से ही कह रहे थे कि अमरिंदर सिंह भाजपा और अकालियों के साथ मिले हुए हैं और अब यह बात साबित हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘वह कांग्रेस का वोट काटेंगे और भाजपा को फायदा पहुंचाएंगे। लेकिन पंजाब के लोग अब सबकुछ समझ चुके हैं।
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