नयी दिल्ली। सरकार ‘अवसंरचना एवं विकास के वित्त-पोषण के लिए राष्ट्रीय बैंक (एनएबीएफआईडी) विधेयक-2021’ अगले सप्ताह लोकसभा में पेश करेगी। इसमें देश में बुनियादी ढांचा विकास की परियोजनाओं के विकास के लिए दीर्घकालिक कर्ज देने वाले वित्तीय संस्थान की कमी दूर होगी। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोक सभा में अगले सप्ताह के कामकाज की सूची की जानकारी देते हुए शु्क्रवार को कहा कि सदन के एजेंडा में ‘अवसंरचना एवं विकास के वित्त-पोषण के लिए राष्ट्रीय बैंक (एनएबीएफआईडी) विधेयक-2021’को प्रस्तुत करना भी शामिल है।
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इस प्रकार के वित्तीय संस्थान की स्थापना की घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट भाषण में की थी। मंत्रिमंडल ने पिछले सप्ताह इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी। इस संस्थान द्वारानिवेशकों से धन जुटाने के संबंध में कर छूट प्रदान करने का प्रावधान भी प्रस्तावित है। सरकार ने इस विकास वित्त संस्था के लिए शुरूआत में 20,000 करोड़ रुपये पूंजी डालने का निर्णय लिया है। सरकार 5000 करोड़ रूपये का प्रारंभिक अनुदान देगी। सरकार को उम्मीद है कि यह संस्थान कुछ वर्षो मेंकम से कम तीन लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाएगा।
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सरकार ने राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा विकास के लिए सात हजार परियोजनाओं की एक पाइपलाइन (कतार) तैयार की है। सरकार का लक्ष्य 2024-25 तक बुनियादी ढांचा विकास पर 110 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है। मेघवाल ने बताया कि इसके अलावा बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ा कर 74 प्रतिशत करने के प्रावधान वाले बीमा (संशोधन) विधेयक, 2021 भी अगले सप्ताह लोक सभा में पेश किया जायेगा। यह विधेयक राज्य सभा ने बृहस्पतिवार को पारित किया।
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