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दिल्ली में निर्वाचन आयोग के एक प्रवक्ता ने सवालों के जवाब में कहा, ‘‘इन चरणों को एक साथ करने की कोई योजना नहीं है।’’ इस तरह की अटकलें हैं कि शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में कुछ राजनीतिक दल इस विषय को उठा सकते हैं। आयोग ने यह सुनिश्चित करने के लिए बैठक बुलाई है कि राजनीतिक दलों के नेता प्रचार के दौरान उसके द्वारा जारी कोविड-19 दिशा-निर्देशों का पालन करें। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने ट्वीट में कहा कि इस तरह के कदम के बारे में फैसला जनहित को देखते हुए लेना चाहिए।
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उन्होंने कहा, ‘‘महामारी के प्रकोप के बीच, पश्चिम बंगाल में आठ चरण में चुनाव कराने के निर्वाचन आयोग के फैसले का हमने कड़ा विरोध किया। कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब आयोग से मेरा अनुरोध है कि आगामी सभी चरण एक ही बार में करवा लिए जाएं।’’ बनर्जी ने कहा, ‘‘इससे, अब आगे लोगों को कोविड-19 की चपेट में आने से बचाया जा सकेगा।’’ आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि 17 अप्रैल को होने जा रहे पांचवे चरण के चुनाव के लिए बंदोबस्त पहले ही किए जा चुके हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग यह चर्चा कर रहे हैं कि क्या चुनाव के अगले तीन चरण एक ही बार में करवा लेने चाहिए।
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