HC ने दिल्ली सरकार को दिए भविष्य में कोरोना संकट से लड़ने के सुझाव, तीसरी लहर का खतरा बरकरार https://ift.tt/eA8V8J

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऑक्सीजन और सिलेंडर की कीमत तय करने से लेकर भविष्य में कोविड-19 मरीजों के इलाज में इस्तेमाल दवाओं की किसी भी कमी से निपटने की योजना को लेकर कई सुझाव दिए हैं। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने ये निर्देश न्याय मित्र और वरिष्ठ अधिवक्ता राजशेखर राव द्वारा पेश रिपोर्ट में रेखांकित कमियों के आधार पर दिए। रिपोर्ट का अववलोकन करने के बाद पीठ ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि कि वह सुनिश्चित करे कि राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) के जरिये ऑक्सीजन और सिलेंडर की कीमत तय हो। दिल्ली सरकार ने कहा कि वह सभी पक्षों के साथ बैठक कर फैसला लेगी।

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अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। एंबुलेंस की उपलब्धता और कोविड-19 मरीजों व शव को ले जाने के लिए वसूली जा रही कीमत के बारे में राव ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे सेवा प्रदाताओं की सूची दी जिनका सत्यापन उनके शुल्क के साथ किया गया है।

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अदालत ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह एंबुलेंस और सेवा प्रदाताओं की सूची शुल्क के साथ वेबसाइट पर डाले। एंबुलेंस तथा ऑक्सीजन ले जा रहे रहे कुछ वाहनों को पेट्रोल पंप पर ईंधन नहीं भरने के मामले में अदालत ने कहा कि आवश्यक सेवाओं के लिए ईंधन देने से इनकार नहीं किया जा सकता और उसने दिल्ली सरकार को इस संबंध में भी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।



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