कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने सोमवार को कोलकाता उच्च न्यायालय की एक पीठ को बताया कि राज्य में नौ मई से चुनाव बाद राजनीतिक हिंसा का कोई मामला सामने नहीं आया है। साथ ही, उसने न्यायालय को भविष्य में शांति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने का आश्वासन भी दिया। पांच न्यायाधीशों की पीठ ने इस संबंध में 17 मई तक उचित कदम उठाए जाने का निर्देश देने के साथ ही जनहित याचिका पर 18 मई को सुनवाई तय की।
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वकील एवं याचिकाकर्ता अनिंदय सुंदर द्वारा जनहित याचिका में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हो रही राजनीतिक हिंसा का मुद्दा उठाया। चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी और चुनाव नतीजे सामने आने के बाद भाजपा और तृणमूल समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हुईं। पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से पेश महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि राज्य में नौ मई से राजनीतिक हिंसा का कोई मामला सामने नहीं आया है।
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