पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद अचानक एक बार फिर से किसान आंदोलन के नेता राकेश टिकैत सुर्खियों में आ गए हैं। राकेश टिकैत की ममता बनर्जी से मुलाकात को लेकर राजनीति बता रहे हैं। इसी को लेकर राकेश टिकैत ने जवाब दिया है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मिला, क्या मैं अफगानिस्तान के राष्ट्रपति से मिला कि भारत सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। देश के अंदर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वीजा लगता है? उन्होंने कहा कि हमने कहा कि देश में विपक्ष कमजोर है। हम अब सड़कों पर बैठे हैं, अगर विपक्ष मजबूत होता तो हमें ऐसा करने की जरूरत नहीं होती। विपक्ष मजबूत होना चाहिए।
इससे पहले अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह जब तक स्वामीनाथन कमीशन ईमानदारी से लागू नहीं होगा तब तक किसानों की समस्या हल नहीं हो सकती। सरकार जो घोषणा कर रही है वो हमारी मांग से काफी कम है। इससे किसान को फायदा नहीं होगा। किसान इसको स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में आए किसान नेताओं को नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया। तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां किसान नेताओं के साथ बैठक में कहा कि एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां राज्य नीतिगत विषयों पर बातचीत कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्यों को निशाना बनाना (बुलडोजिंग) संघीय ढांचे के लिए अच्छी बात नहीं है।मैं मुख्यमंत्री से मिला, क्या मैं अफगानिस्तान के राष्ट्रपति से मिला कि भारत सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी। देश के अंदर मुख्यमंत्री से मिलने के लिए वीजा लगता है? :पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात पर राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता pic.twitter.com/oBEbGpXGcS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 10, 2021
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