गोरखपुर जोन के थानों और चौकियों पर 45,000 पौधरोपण किया जाएगा। एक-एक कर्मचारी एक-एक पौधों को गोद लेते हुए उसे संरक्षित करने का कार्य करेगा। इसी तरह एडीजी कार्यालय पर लगाए गए पौधों को एक-एक कर्मचारी गोद लेकर उसे संरक्षित करेगा अगर पौधों की बेतहाशा कटाई नहीं की गई होती तो कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन की कमी नहीं महसूस की गई होती, इसलिए अधिक से अधिक पौधरोपण करते हुए उसे संरक्षित करें ।
एडीजी जोन अखिल कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण काल में आक्सीजन की कमी से जूझ रहे देश ने बड़ी त्रासदी झेली थी। बरगद व पीपल के वृक्षों से बड़ी मात्रा में आक्सीजन मिलता है। ताकि कभी आक्सीजन की कमी न होने पाए। पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर लोग घरों से बाहर निकलें और गांव से लेकर शहर तक मोहल्लों में, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों में बरगद पीपल अशोक व सुरक्षित स्थान पर शमी के पौधे रोपें और ऑक्सीजन की कमी को दूर करें ।ऑक्सीजन की कमी तभी दूर हो सकता है जब पर्याप्त मात्रा में पौधरोपण कर पौधों को संरक्षित किया जा सके।
from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/3jHryuo
0 Comments