गुवाहाटी। असम में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ कई दशकों से लंबित सीमा विवाद के लिए पिछली कांग्रेस सरकारें जिम्म्मेदार हैं। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस ने विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने की बजाय उनसे भागने का रवैया अपनाया। वहीं, कांग्रेस ने इस आरोप पर पलटवार करते हुएपूछा कि पिछले कुछ सालों में केंद्र की भाजपा सरकार ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए क्या किया है। यहां एक संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता पवित्रा मार्गेट्रिया ने कहा कि असम और उसके पड़ोसी राज्यों के बीच सीमा विवाद कांग्रेस की देन है।
इसे भी पढ़ें: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में कोविड-19 के 288 नए मामले, 11 और लोगों की मौत
उन्होंने कहा कि असम के क्षेत्र की कई लाख हेक्टेयर भूमि पर सीमावर्ती राज्यों द्वारा पिछले कुछ वर्षों में अवैध कब्जा कर लिया गया क्योंकि ज्यादातर समय तक सत्ता में रही कांग्रेस ने इन मुद्दों से “बच निकलने” का रवैया अपनाया। मार्गेट्रिया ने कहा, “ऐसे कई वाकये हैं जब पड़ोसी राज्यों के आक्रमण से सीमा पर रहने वाले हमारे राज्य के लोगों को जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा लेकिन कांग्रेस ने इसके लिए कुछ नहीं किया।” उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में हिमंत बिस्व सरमा की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि असम की एक इंच भूमि भी किसी और के कब्जे में न जाए।
इसे भी पढ़ें: महुआ मोइत्रा के बाद डीएमके नेता ने भी बिहारियों को लेकर दिया विवादित बयान, बताया कम बुद्धिमान
मार्गेट्रिया ने मिजोरम कांग्रेस पर ट्विटर पर असम के विरुद्ध ‘हैशटैग’ चलाने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों का खंडन करते हुए असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव और वरिष्ठ प्रवक्ता अपूर्व कुमार भट्टाचार्जी ने कहा कि एक चुनी हुई सरकार पिछली सरकारों पर इल्जाम लगा कर अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। उन्होंने कहा कि अगर एक क्षण के लिए यह मान भी लें कि कांग्रेस ने ये समस्या पैदाकी तो वे (भाजपा नेता) इतने लंबे समय से खामोश क्यों थे। भाजपा केंद्र में वर्ष 2014 और असम में वर्ष 2016 से सत्तारूढ़ है। उनके द्वारा इस मुद्दे को हल करने के लिए क्या पहल की गई।
from Hindi News - News in Hindi - Latest News in Hindi | Prabhasakshi https://ift.tt/3fdt7NH
0 Comments