कोझिकोड। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने रविवार को बताया कि राज्य में दो स्वास्थ्य कर्मियों में निपाह वायरस के संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। उन्होंने बताया कि संक्रमण के उच्च खतरे का सामना कर रहे सभी 20 लोगों को कोझिकोड चिकित्सा कॉलेज सह अस्पताल भेजा जाएगा। मंत्री ने स्थिति के बारे में जानकारी लेने के लिए आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि अब तक 188 संपर्क की पहचान हुई है। निगरानी दल ने इनमें से 20 को संक्रमण के उच्च ख़तरे का सामना कर रहे लोगों के रूप में चिह्नित किया है।
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संक्रमण के अत्याधिक खतरे का सामना कर रहे लोगों में से दो में लक्षण पाए गए। दोनों स्वास्थ्यकर्मी हैं। इनमें से एक निजी अस्पताल में काम करता है जबकि दूसरा कोझिकोड चिकित्सा कॉलेज सह अस्पताल का कर्मी है। बच्चे के संपर्क में आए अन्य लोगों को पृथकवास में रहने के लिए कहा गया है। मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल के एक वार्ड को पूरी तरह से निपाह वार्ड में बदल दिया गया है। कोझिकोड जिले में 12 वर्षीय बच्चे की निपाह वायरस संक्रमण के कारण आज सुबह मौत हो गई। राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान भेजे गए नमूने में उसके इस वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।मंत्री ने बताया कि बच्चे के घर के तीन किलोमीटर के दायरे को निरूद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है। वहीं, इससे लगे इलाके भी कड़ी निगरानी में हैं।
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जॉर्ज ने कहा कि राज्य ने पुणे एनआईवी अधिकारियों से कोझिकोड अस्पताल में जांच सुविधा की व्यवस्था करने के लिए कहा है। एनआईवी की टीम यहां आकर जरूरी कार्य करेगी। अगर प्रारंभिक जांच में मरीज में संक्रमण की पुष्टि होती है तो नमूने को फिर से पुष्टि के लिए एनआईवी भेजा जाएगा और वह परिणाम 12 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।
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