झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बृहस्पतिवार को गृह विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि राज्य में औषधीय पौधों और लेमन ग्रास की खेती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, वहीं अफीम और अन्य मादक पदार्थों की अवैध खेती करने वाले लोगों को हतोत्साहित करना होगा।
गृह विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि राज्य के कुछ जिलों में अफीम की खेती बड़े पैमाने पर अवैध रूप से हो रही है जो चिंता का विषय है। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस पदाधिकारी इसे रोकने की दिशा में आवश्यक और कठोर कदम उठाएं।
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उन्होंने यह भी कहा कि वन भूमि पर भी मादक पदार्थों की खेती की बात सामने आ रही है। वन विभाग के अधिकारी इसकी कड़ाई से इसकी निगरानी करें और अफीम की फसल को नष्ट करने की दिशा में कदम उठाएं।
पुलिस महानिदेशक नीरज सिन्हा ने बताया कि राज्य के सुदूरवर्ती इलाकों में अफीम की खेती की निगरानी के लिए अब सेटेलाइट इमेजिंग की मदद लेने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल में मादक पदार्थ/ एनडीपीएस के कुल 372 मामले सामने आए हैं और इस सिलसिले में 576 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।
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